Sunday, September 20, 2020

मैं अँधेरा लिखता हूँ...

मेरी ज़िन्दगी है 
सफ़ेद सफ़हे में लिपटे 
मेरे कुछ बेतरतीब हर्फ़, 

और मृत्यु
मेरी वो किताब है
जो कभी नहीं लिक्खी गयी... 

मैं बवंडर हूँ 
तबाही मचाता हूँ 
उड़ा ले जाता हूँ 
सबके घर, सबके सपने,

मैं वो अग्नि हूँ 
जिसे बुझाया नहीं जा सकता... 

मैं अँधेरा हूँ 
जिससे डरते हो तुम 
अकेले में,

मैं वो काली रात हूँ 
जिसकी कोई सुबह 
सुनिश्चित नहीं... 

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